LPG Price Hike: रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने एक बार फिर आम लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वाले परिवारों के लिए यह फैसला चिंता का कारण बन गया है। देश के कई हिस्सों की तरह राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में भी घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर 933 रुपए हो गई है। पहले यही सिलेंडर 873 रुपए में मिलता था। तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपए महंगा हो गया है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 1898.50 रुपए में मिलने लगा है। गैस के बढ़ते दामों ने होटल, ढाबा, छोटे व्यापारियों और आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।
मध्य पूर्व युद्ध का असर भारतीय रसोई तक
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्वी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई में आई रुकावट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। इसी का असर भारत में भी देखा जा रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित तेल और गैस से पूरा करता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं तो उसका असर सीधे घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर पड़ता है। यही कारण है कि लंबे समय के बाद एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। ऊर्जा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार अगर मध्य पूर्व का संकट लंबे समय तक जारी रहा तो आने वाले समय में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
11 महीने बाद बढ़े घरेलू गैस सिलेंडर के दाम
गैस एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 11 महीनों के बाद पहली बार घरेलू उपयोग के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले लंबे समय से घरेलू गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। भीलवाड़ा भारत गैस एजेंसी के प्रतिनिधि विनोद भंडारी ने बताया कि नई दरों के अनुसार अब शहर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर 933 रुपए में मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में बदलाव के कारण तेल कंपनियों को यह फैसला लेना पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल घरेलू ही नहीं बल्कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ा इजाफा किया गया है, जिसका असर खासतौर पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पड़ने वाला है।
गैस बुकिंग के नियमों में भी बड़ा बदलाव
गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के साथ ही बुकिंग नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही कर सकेंगे। पहले यह अवधि 15 दिन थी। इस नए नियम का मतलब यह है कि अगर किसी उपभोक्ता ने 1 तारीख को गैस सिलेंडर बुक किया और 2 तारीख को डिलीवरी मिल गई, तो वह अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही कर सकेगा। इससे पहले तक उपभोक्ता 15 दिन के भीतर ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे। तेल कंपनियों का कहना है कि गैस का स्टॉक सीमित होने और सप्लाई प्रभावित होने के कारण यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य गैस की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखना है ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस पहुंच सके।
महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
गैस सिलेंडर महंगा होने का सबसे ज्यादा असर घर संभालने वाली महिलाओं पर पड़ रहा है। रोजमर्रा के खर्च का संतुलन बनाए रखना पहले ही मुश्किल था, लेकिन अब गैस के दाम बढ़ने से यह चुनौती और बढ़ गई है। महिलाओं को हर महीने राशन, सब्जी, दूध, बिजली बिल और बच्चों की पढ़ाई जैसे कई खर्चों का संतुलन बनाना पड़ता है। ऐसे में रसोई गैस की कीमत बढ़ना सीधे घर के बजट को प्रभावित करता है। महिलाओं का कहना है कि महंगाई पहले ही चरम पर है, और अब गैस सिलेंडर महंगा होने से रसोई का खर्च संभालना और मुश्किल हो गया है।
गृहणी दुर्गा देवी की चिंता
भीलवाड़ा की रहने वाली गृहणी दुर्गा देवी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से उनका घर का बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी गैस के दामों में 60 रुपए की बढ़ोतरी होने से परिवार के खर्च का संतुलन बिगड़ गया है। पहले से ही रसोई का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा था और अब सिलेंडर महंगा होने से परेशानी और बढ़ गई है। दुर्गा देवी ने बताया कि हर महीने राशन, सब्जी, दूध और बच्चों की पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ना परिवार के लिए एक नया आर्थिक बोझ बन गया है।
एक सिलेंडर में महीना निकालना मुश्किल
दुर्गा देवी के अनुसार पहले किसी तरह एक सिलेंडर से पूरा महीना निकाल लिया जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। गैस की कीमत बढ़ने के बाद कई परिवारों को सिलेंडर भरवाने से पहले कई बार सोचना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। ऐसे में अगर रसोई गैस भी महंगी हो जाए तो घर चलाना और कठिन हो जाता है। उनका मानना है कि सरकार को इस मामले में कदम उठाना चाहिए ताकि आम परिवारों को राहत मिल सके।
कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ा इजाफा किया गया है। नई दरों के अनुसार 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 1898.50 रुपए में मिलेगा। तेल कंपनियों ने इससे पहले 1 मार्च को भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। उस समय 27 रुपए 50 पैसे का इजाफा किया गया था। अगर पूरे साल की बात करें तो जनवरी से मार्च के बीच कमर्शियल सिलेंडर लगभग 302 रुपए महंगा हो चुका है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर पड़ने वाला है।
छोटे व्यापारियों के लिए भी चुनौती
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से छोटे होटल, चाय की दुकानें, ढाबे और फास्ट फूड स्टॉल चलाने वाले व्यापारियों की लागत बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि गैस की कीमत बढ़ने के बाद खाने-पीने की चीजों की कीमत भी बढ़ानी पड़ सकती है। इससे ग्राहकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
सरकार से राहत की उम्मीद
घरेलू महिलाएं और आम लोग अब सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि घरेलू गैस की कीमतों पर नियंत्रण किया जाए। महिलाओं का कहना है कि अगर सरकार एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी या कीमतों में राहत देती है तो आम परिवारों को काफी मदद मिल सकती है। रसोई गैस हर घर की जरूरत है और इसका सीधा संबंध परिवार के दैनिक जीवन और बजट से होता है। ऐसे में लोग चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे पर जल्द कोई राहत भरा कदम उठाए।






