IMD Weather Alert: लगातार करीब 10 दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बाद आखिरकार उत्तर भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह से ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में मौसम पहले के मुकाबले ठंडा महसूस किया गया। कई जगहों पर ठंडी हवाएं चलने लगी हैं और आसमान में हल्के बादल भी दिखाई देने लगे हैं। मौसम में यह बदलाव अचानक नहीं आया है। इसके पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) को माना जा रहा है, जो हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। जिससे कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मार्च के महीने में इस तरह का मौसम बदलाव असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार तापमान में जो उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, वह लोगों के लिए राहत और चिंता दोनों का कारण बन रहा है।
दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में ठंडी हवाओं का असर
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शनिवार सुबह मौसम सुहावना महसूस हुआ। पिछले कई दिनों से जहां लोग तेज धूप और गर्मी से परेशान थे। वहीं अब हल्की ठंडी हवाएं और बादलों की आवाजाही ने मौसम को थोड़ा आरामदायक बना दिया है।
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में अगले दो दिनों के दौरान हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बादल इसी तरह बने रहे तो दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला हिमालयी इलाकों का मौसम
मौसम विभाग ने बताया है कि हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी इलाकों में इस तरह की गतिविधियां मार्च के महीने में आम होती हैं। लेकिन इस बार मौसम प्रणाली थोड़ी ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी राज्यों में तापमान में गिरावट आ सकती है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।
मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 14 और 15 मार्च को बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस बारिश का असर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में दिखाई दे सकता है।
बारिश के साथ-साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। इस तरह का मौसम बदलाव किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि मार्च के महीने में रबी फसलों की कटाई का समय शुरू हो जाता है। ऐसे में बारिश या ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
मध्य भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में भी बारिश
मौसम विभाग ने सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं बल्कि मध्य भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, विदर्भ, सौराष्ट्र और कच्छ में भी 13 मार्च के आसपास बारिश हो सकती है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बादल और तेज हवाएं भी देखने को मिल सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में मौसम का यह बदलाव स्थानीय तापमान और नमी के स्तर को प्रभावित कर सकता है।
पूर्वी भारत में लू का खतरा
जहां उत्तर भारत में मौसम ठंडा होने की ओर बढ़ रहा है, वहीं पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में लू का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा में 13 और 14 मार्च के दौरान लू से भीषण लू की लहर चलने की संभावना है। इसी तरह झारखंड में 14 और 15 मार्च को भी लू का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दिनों के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है और तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अनुमान
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में 13 मार्च को और 14 से 16 मार्च के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी 13 से 16 मार्च के दौरान तेज बारिश हो सकती है। इसी तरह असम और मेघालय में 13 से 15 मार्च के बीच भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इन इलाकों में लगातार बारिश होने से स्थानीय नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
उत्तर पश्चिम भारत में बारिश का दौर
अगर उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो यहां भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 14 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 15 से 19 मार्च के बीच बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 15 और 16 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए भी चेतावनी जारी की है। अनुमान के अनुसार 14 मार्च को राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब और हरियाणा में 15 से 19 मार्च के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश में 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसी तरह राजस्थान में 13 और 14 मार्च के दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों में मौसम का यह बदलाव तापमान को थोड़ा कम कर सकता है और गर्मी से राहत मिल सकती है।
कई राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना भी जताई है। अनुमान के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में ओले गिर सकते हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी ओलावृष्टि होने की संभावना है। ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है, क्योंकि इस समय कई फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं।
पूर्वोत्तर भारत में तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में 13 से 19 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम, नगालैंड, मिजोरम जैसे राज्यों में 13 से 15 मार्च के दौरान तेज नम हवाएं चलने का अनुमान है। इन हवाओं की वजह से कई इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है और स्थानीय स्तर पर बारिश भी हो सकती है।
मौसम के इस बदलाव का क्या असर होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जारी रह सकता है। एक तरफ जहां उत्तर भारत में बारिश और ठंडी हवाओं से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश और लू जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट और सरकारी चेतावनियों पर ध्यान दें।






