LPG PNG New Rule India: दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच भारत सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी एक संशोधित गजट में स्पष्ट किया गया है कि अब कोई भी उपभोक्ता एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) दोनों कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकेगा। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों में जारी संकट और तेल-गैस सप्लाई पर संभावित असर को देखते हुए ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की जरूरत महसूस की जा रही है। सरकार का मानना है कि नए नियम से घरेलू गैस की उपलब्धता को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और भविष्य में किसी संभावित संकट से बचाव किया जा सकेगा।
अब एक ही घर में दो गैस कनेक्शन नहीं
नए आदेश के अनुसार जिन घरों में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन मौजूद है। वहां अब एलपीजी सिलेंडर रखने या नया एलपीजी कनेक्शन लेने की अनुमति नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि अगर किसी उपभोक्ता के घर में PNG पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति हो रही है, तो उसे LPG सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेल कंपनियां अब ऐसे उपभोक्ताओं को न तो नया एलपीजी कनेक्शन देंगी और न ही मौजूदा सिलेंडर का रिफिल करेंगी।
लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
सरकार के इस नए फैसले का असर देश के कई शहरों में रहने वाले लाखों गैस उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर लखनऊ शहर में ही करीब 80 हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके पास PNG कनेक्शन मौजूद है। इनमें से कई लोगों के घरों में अभी भी LPG सिलेंडर भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नए नियम लागू होने के बाद इन उपभोक्ताओं को अपना LPG कनेक्शन वापस करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह नियम देश के अन्य शहरों में भी लागू हो सकता है जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है।
क्यों उठाया गया यह कदम
सरकार ने यह फैसला घरेलू गैस सप्लाई को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने और संभावित संकट से बचने के लिए लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार कई शहरों में PNG नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई घरों में LPG सिलेंडर भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में दो अलग-अलग गैस सिस्टम का उपयोग करने से सप्लाई मैनेजमेंट में दिक्कत और संसाधनों की अनावश्यक खपत हो सकती है। सरकार का मानना है कि अगर जिन घरों में PNG उपलब्ध है वहां LPG का इस्तेमाल बंद किया जाए, तो सिलेंडर की उपलब्धता उन क्षेत्रों में बेहतर हो सकेगी जहां पाइपलाइन गैस अभी नहीं पहुंची है।
तेल कंपनियों को भी दिए गए निर्देश
नए आदेश के तहत सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अब तेल कंपनियां ऐसे उपभोक्ताओं को नया LPG कनेक्शन जारी नहीं करेंगी जिनके घर में पहले से PNG कनेक्शन है। इसके अलावा LPG वितरकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे उपभोक्ताओं को सिलेंडर रिफिल न करें। इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों को डेटा वेरिफिकेशन और उपभोक्ता रिकॉर्ड की जांच करने के लिए कहा गया है।
PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने की योजना
सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार करने पर जोर दे रही है। PNG गैस को LPG की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, लगातार उपलब्ध और पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है। इसके अलावा PNG कनेक्शन में सिलेंडर बदलने की परेशानी नहीं होती, क्योंकि गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है। यही वजह है कि सरकार चाहती है कि जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है वहां घरों में इसे प्राथमिक गैस विकल्प बनाया जाए।
PNG कनेक्शन अनिवार्य करने की तैयारी
सरकार के नए आदेश में एक और महत्वपूर्ण बात कही गई है। जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहुंच चुकी है और गैस सप्लाई शुरू हो चुकी है, वहां के घरों को अनिवार्य रूप से PNG कनेक्शन देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। लखनऊ और आगरा जैसे शहरों में ग्रीन गैस लिमिटेड नाम की कंपनी PNG की आपूर्ति करती है। कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार लखनऊ और आगरा में करीब पौने दो लाख PNG कनेक्शन पहले से मौजूद हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है।
लखनऊ, आगरा समेत कई शहरों में लागू होगा नियम
नए नियम का सबसे ज्यादा असर उन शहरों में पड़ेगा जहां PNG नेटवर्क पहले से मौजूद है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- लखनऊ
- आगरा
- अयोध्या
- सुल्तानपुर
- उन्नाव
इन शहरों में गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियां अब PNG कनेक्शन को प्राथमिकता देंगी और जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन हैं उनसे LPG कनेक्शन वापस लिया जा सकता है।
उपभोक्ताओं को क्या करना होगा
जिन उपभोक्ताओं के घर में पहले से PNG और LPG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं, उन्हें जल्द ही अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा और आगे केवल PNG का उपयोग करना होगा। अगर उपभोक्ता नियम का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें LPG रिफिल सेवा से वंचित किया जा सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि उपभोक्ता अपने गैस वितरक या गैस कंपनी से संपर्क करके जानकारी प्राप्त करें।
गैस सप्लाई प्रबंधन में सुधार की कोशिश
सरकार का यह कदम केवल नियम बदलने के लिए नहीं बल्कि ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर जिन घरों में PNG उपलब्ध है वहां LPG का उपयोग बंद हो जाए, तो सिलेंडर की उपलब्धता उन इलाकों में बेहतर हो सकती है जहां पाइपलाइन गैस अभी नहीं पहुंची है। इससे देशभर में गैस वितरण प्रणाली ज्यादा संतुलित और प्रभावी बन सकती है।






