Gold Price Today: दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक परिस्थितियों का असर सीधे तौर पर सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। खासकर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं, लेकिन हाल के दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। भारत के सर्राफा बाजार में भी इसी का असर देखने को मिला है।
हाल ही में दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 2000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इससे निवेशकों और ग्राहकों दोनों का ध्यान फिर से सोने के बाजार की ओर गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कारक सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना हुआ सस्ता
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली के बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता यानी 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,000 रुपये यानी लगभग 1.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के बाद अब सोने का भाव लगभग 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गया है। यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है जो आने वाले समय में सोने के गहने खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे हैं।
वायदा बाजार में भी गिरा सोना
भारत के कमोडिटी बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर सोने का वायदा भाव घटकर करीब 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इसी साल 29 जनवरी को सोने की कीमत 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। इससे साफ है कि कुछ ही महीनों में सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
IBJA के मुताबिक आज का सोने का भाव
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को बाजार बंद होने तक सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। IBJA के मुताबिक सोने के अलग-अलग कैरेट के ताजा भाव इस प्रकार हैं:
- 24 कैरेट सोना – ₹1,58,399 प्रति 10 ग्राम
- 23 कैरेट सोना – ₹1,57,765 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना – ₹1,45,093 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना – ₹1,18,799 प्रति 10 ग्राम
- 14 कैरेट सोना – ₹92,663 प्रति 10 ग्राम
चूंकि शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहता है, इसलिए इन दो दिनों तक यही भाव मान्य रहेगा।
शहरों के हिसाब से सोने का ताजा भाव
देश के अलग-अलग शहरों में गोल्ड ज्वैलरी की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के प्रमुख शहरों में ताजा भाव इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) | 18 कैरेट (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹159810 | ₹146500 | ₹119890 |
| मुंबई | ₹159660 | ₹146350 | ₹119740 |
| कोलकाता | ₹159660 | ₹146350 | ₹119740 |
| चेन्नई | ₹161020 | ₹147600 | ₹124000 |
| पटना | ₹159710 | ₹146400 | ₹119790 |
| लखनऊ | ₹159810 | ₹146500 | ₹119890 |
| जयपुर | ₹159810 | ₹146500 | ₹119890 |
| अहमदाबाद | ₹159710 | ₹146400 | ₹119790 |
| पुणे | ₹159660 | ₹146350 | ₹119770 |
| बैंगलोर | ₹159660 | ₹146350 | ₹119740 |
| हैदराबाद | ₹159660 | ₹146350 | ₹119740 |
इनके अलावा कई अन्य शहरों में भी लगभग इसी के आसपास सोने की कीमतें देखी जा रही हैं।
पिछले दिन क्या था सोने का भाव
पिछले कारोबारी सत्र में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला और हाजिर सोना लगभग 5,088 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि वैश्विक बाजार का असर भारतीय सोने के भाव पर भी पड़ता है।
वायदा बाजार में भी कमजोरी
कमोडिटी बाजार में भी सोने के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट का भाव 992 रुपये यानी लगभग 0.62 प्रतिशत गिरकर 1,59,279 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इस दौरान करीब 7,891 लॉट का कारोबार दर्ज किया गया। वैश्विक बाजार में कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 31.69 डॉलर गिरकर 5,094.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट कई कारणों से हो रही है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ रिसर्च विश्लेषक दिलीप परमार के अनुसार घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती और मौद्रिक नीति को लेकर बदलती उम्मीदों का दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। अगर महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रख सकते हैं।






