Gold Silver Price Today: हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। खासकर चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट ने बाजार और निवेशकों का ध्यान खींचा है। शुक्रवार और शनिवार के बीच हुए इस बदलाव ने ज्वेलरी बाजार और कमोडिटी मार्केट दोनों में हलचल पैदा कर दी है। 14 मार्च 2026 को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में करीब 2000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। जबकि चांदी की कीमतों में लगभग 8000 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई।
पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ते दामों के बाद यह गिरावट बाजार के लिए अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर सीधे Gold Silver Price Today पर पड़ रहा है। यही वजह है कि अचानक इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
IBJA के अनुसार आज का सोने का भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 14 मार्च 2026 को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। IBJA के मुताबिक आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,58,399 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे पहले 12 मार्च को सोने का भाव इससे अधिक था। लेकिन दो दिनों के भीतर ही लगभग 2000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इससे ज्वेलरी बाजार में हलचल तेज हो गई है और कई खरीदार इसे खरीदारी का मौका मान रहे हैं।
आज सुबह बाजार खुलते समय प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव 1,45,093 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के दौरान मांग और ट्रेडिंग के आधार पर कीमतों में बदलाव संभव है। भारत के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, पुणे, जयपुर, कोटा, बीकानेर, लखनऊ, भोपाल, चंडीगढ़ और गुरुग्राम में यही औसत कीमत देखी गई है।
अलग-अलग कैरेट के सोने के ताजा रेट
IBJA के ताजा डेटा के अनुसार अलग-अलग कैरेट के सोने के भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:
- 24 कैरेट सोना: 1,58,399 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 23 कैरेट सोना: 1,57,765 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 1,45,093 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 1,18,799 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 14 कैरेट सोना: 92,663 रुपये प्रति 10 ग्राम
इन आंकड़ों से साफ है कि उच्च शुद्धता वाले सोने की कीमतें अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर हैं, लेकिन पिछले दिनों की तुलना में इनमें हल्की गिरावट जरूर आई है। ज्वेलरी बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट गोल्ड का उपयोग किया जाता है। इसलिए बाजार में इसी कैरेट के भाव पर सबसे ज्यादा नजर रहती है।
14 मार्च 2026 को चांदी का भाव
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। IBJA के आंकड़ों के अनुसार 14 मार्च 2026 को चांदी का भाव 2,60,466 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। इसके मुकाबले एक दिन पहले यानी 13 मार्च को चांदी का भाव करीब 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। यानी सिर्फ एक दिन के भीतर ही चांदी की कीमत में लगभग 8000 रुपये प्रति किलो की गिरावट आ गई। कमोडिटी बाजार में इतनी बड़ी गिरावट को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से चांदी लगातार तेजी के साथ ऊपर जा रही थी।
प्लेटिनम की कीमतों में भी बदलाव
सोने और चांदी के अलावा प्लेटिनम की कीमतों में भी हलचल देखने को मिली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार आज प्लेटिनम का भाव 64,372 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालांकि प्लेटिनम के दामों में सोने और चांदी की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है, लेकिन वैश्विक बाजार में बदलाव के कारण इसकी कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। ज्वेलरी इंडस्ट्री में प्लेटिनम की मांग पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है, खासकर युवा ग्राहकों के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
बड़े शहरों में सोने के ताजा रेट
देश के प्रमुख शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिला। शहरों के हिसाब से सोने के भाव इस प्रकार रहे:
- दिल्ली: 1,62,360 रुपये प्रति 10 ग्राम
- मुंबई: 1,62,210 रुपये प्रति 10 ग्राम
- अहमदाबाद: 1,63,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चेन्नई: 1,62,210 रुपये प्रति 10 ग्राम
- कोलकाता: 1,62,210 रुपये प्रति 10 ग्राम
- हैदराबाद: 1,62,210 रुपये प्रति 10 ग्राम
- जयपुर: 1,62,360 रुपये प्रति 10 ग्राम
- भोपाल: 1,63,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
- लखनऊ: 1,62,360 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चंडीगढ़: 1,62,360 रुपये प्रति 10 ग्राम
इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम थोड़े अलग हो सकते हैं, क्योंकि इसमें स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्ट और ज्वेलर्स मार्जिन भी शामिल होते हैं।
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर
सोने और चांदी की कीमतों पर हमेशा वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर पड़ता है। इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही घटनाओं ने भी इनकी कीमतों को प्रभावित किया है। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशक अब जोखिम से बचने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपना रहे हैं। आमतौर पर जब वैश्विक संकट बढ़ता है तो निवेशक सोने की तरफ जाते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग दिखाई दे रही है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान तनाव का असर
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ चल रहा तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। इस वजह से वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इस अनिश्चित माहौल में कई निवेशक सोने के बजाय नकद (Cash) रखना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। यही कारण है कि सोने की मांग में थोड़ी कमी देखी जा रही है। जब मांग घटती है तो बाजार में Gold Price और Silver Price में गिरावट देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल बाजार में यही स्थिति बन रही है।
ब्याज दरों की उम्मीद कम होने का असर
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होना भी माना जा रहा है। आमतौर पर जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम करते हैं तो निवेशक सोने में ज्यादा निवेश करते हैं। लेकिन फिलहाल कई देशों में Interest Rate Cut की संभावना कम दिखाई दे रही है। इस वजह से कई निवेशक सोने और चांदी की बजाय कैश और अन्य निवेश विकल्पों की तरफ झुक रहे हैं, जिससे इन धातुओं की मांग थोड़ी कम हुई है।
तेल की कीमतें और शेयर बाजार का असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ सोने-चांदी पर ही नहीं बल्कि तेल की कीमतों और वैश्विक शेयर बाजारों पर भी पड़ रहा है। युद्ध और तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसके चलते दुनिया भर के कई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। जब शेयर बाजारों में बिकवाली बढ़ती है तो उसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी पड़ता है। इसी वजह से सोना और चांदी भी दबाव में दिखाई दे रहे हैं।
क्या यह खरीदारी का सही मौका है
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की मौजूदा गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है। भारत में पारंपरिक रूप से सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में इसकी मांग तेजी से बढ़ती है। इसलिए अगर कीमतों में गिरावट आती है तो कई निवेशक इसे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट का अच्छा मौका मानते हैं। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।






