LPG Cylinder Shortage: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में रसोई गैस (LPG Cylinder) की सप्लाई को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई थी। कई जगहों पर अफवाहें फैलने लगीं कि आने वाले दिनों में घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी हो सकती है। इसी बीच सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं ताकि देश में गैस की सप्लाई सामान्य बनी रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
केंद्र सरकार ने खाड़ी देशों से आने वाले तेल-गैस के रास्तों पर बने दबाव को देखते हुए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे नए स्रोतों से तेल-गैस की बड़ी खेप मंगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही ईरान को भरोसे में लेते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से भी कुछ भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से गुजर चुके हैं, जिससे सप्लाई चेन को राहत मिली है।
होर्मुज रूट से गुजरने लगे भारतीय जहाज
मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच सबसे ज्यादा चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर थी। यह दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है।
इस बीच ईरान ने भारतीय ध्वज वाले दो LPG टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इससे भारत को राहत मिली है क्योंकि यह रास्ता भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरकार का कहना है कि भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास कर रहा है ताकि ऊर्जा सप्लाई प्रभावित न हो और देश के अंदर गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनी रहे।
नए देशों से गैस मंगाने की रणनीति
सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए सरकार ने खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपनाई है। इसी के तहत अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया से तेल-गैस की नई खेप मंगाई जा रही है।
इस कदम का मकसद यह है कि अगर किसी एक क्षेत्र में सप्लाई प्रभावित होती है तो दूसरे देशों से आने वाली गैस के जरिए देश की जरूरत पूरी की जा सके। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति भारत को भविष्य में भी ऐसे संकटों से बचाने में मदद करेगी।
पेट्रोल और डीजल को लेकर भी बड़ी जानकारी
सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर इन ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
भारत के पास 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है और देश पेट्रोल व डीजल के उत्पादन में लगभग आत्मनिर्भर है। यही वजह है कि इन ईंधनों को आयात करने की जरूरत बहुत कम पड़ती है।
इस समय देश की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे ईंधन सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
घरेलू LPG उत्पादन में बड़ा इजाफा
सरकार ने गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए घरेलू LPG उत्पादन में भी तेजी से बढ़ोतरी की है। पांच मार्च से अब तक देश में LPG उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जा चुका है।
इस कदम का उद्देश्य साफ है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई में कोई रुकावट आती है तो देश के अंदर ही उत्पादन बढ़ाकर जरूरत पूरी की जा सके।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि LPG वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रही है।
गैस सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए बड़ा फैसला
हाल के दिनों में गैस की कमी की अफवाहों के कारण कई जगहों पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया था। इसे रोकने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है।
अब LPG सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इस कदम का मकसद ‘पैनिक बुकिंग’ यानी घबराहट में की जाने वाली बुकिंग को रोकना है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी लगाम लगेगी, जिससे सभी उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बराबर पहुंच सकेगी।
अचानक बढ़ी गैस सिलेंडर बुकिंग
आंकड़ों के मुताबिक देश में सामान्य तौर पर हर दिन औसतन 55.7 लाख LPG सिलेंडर की बुकिंग होती है। लेकिन पिछले दो हफ्तों में इसमें अचानक तेज उछाल देखा गया है।
उदाहरण के तौर पर 12 मार्च को एक ही दिन में 75.7 लाख सिलेंडर बुक किए गए, जो सामान्य आंकड़े से काफी ज्यादा है।
सरकार के मुताबिक यह बढ़ोतरी किसी वास्तविक कमी की वजह से नहीं बल्कि अफवाहों और घबराहट में की गई बुकिंग के कारण हुई है।
जमाखोरों और कालाबाजारी पर सख्ती
गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों को रोकने के लिए सरकार ने कई राज्यों में छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी गैस की कृत्रिम कमी पैदा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही सरकार ने एक हाईलेवल कमेटी भी बनाई है, जो देशभर में गैस सप्लाई की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री को बड़ी राहत
हाल के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री को हुई थी। कई जगहों पर 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आई थीं।
इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कमर्शियल गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत कोटा तय कर दिया है। इससे होटल, ढाबे और रेस्तरां को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि खाने-पीने के कारोबार को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम जरूरी था, क्योंकि कई रेस्तरां गैस की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे।
OMC कंपनियों को विशेष निर्देश
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकारी तेल कंपनियों को भी खास निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने आदेश दिया है कि अतिरिक्त उत्पादित LPG को केवल IOCL, BPCL और HPCL जैसी प्रमुख तेल कंपनियों को दिया जाए, ताकि सप्लाई चेन में संतुलन बना रहे।
इसके अलावा 19 किलो के नीले सिलेंडरों की कमी दूर करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की एक विशेष समिति भी बनाई गई है, जो लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।
PNG गैस अपनाने की अपील
सरकार ने उन इलाकों के लोगों से भी अपील की है जहां पाइप के जरिए मिलने वाली रसोई गैस यानी PNG (Piped Natural Gas) की सुविधा उपलब्ध है।
देश में लगभग 60 लाख परिवार PNG नेटवर्क के आसपास रहते हैं। सरकार चाहती है कि ये परिवार PNG का इस्तेमाल बढ़ाएं, जिससे LPG सिलेंडरों पर दबाव कम हो सके।
लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें।
उन्होंने कहा कि देश में 25,000 से अधिक LPG वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कहीं से भी स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि घबराहट में गैस सिलेंडर बुक न करें और केवल जरूरत पड़ने पर ही ऑर्डर दें। इससे सप्लाई सिस्टम पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलती रहेगी।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करना होगा।
सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है और नई सप्लाई लाइनों, घरेलू उत्पादन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर तेजी से काम किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि देश में LPG, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह के संकट की स्थिति नहीं है।






